Skip to main content
Search
Search This Blog
कवि अशोक कश्यप
Share
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
September 24, 2011
मुक्तक
हर वक्त एक खुमार सा ज़हन में रहता है
उत्साह बेशुमार सा ज़हन में रहता है
जब से बसी इन आँखों में तस्वीर भली सी
हर समय ही त्यौहार सा ज़हन में रहता है
(कवि अशोक कश्यप)
Comments
Popular Posts
August 22, 2017
Geet: Suraj Sunami (गीत: सूरज सुनामी, तरन्नुम)
May 13, 2012
Comments